मशा की शायरी 5/6

दोस्तों ऐसा कौन सा काम हैं जीस मे करना कुछ नहीं होता फिर भी एक पल चैन नहीं होता समझने वाले समझ जाएंगे जो न समझे वो बिल्कुल खोता जबा जल्दी से देना मशा नाम है मेरा ...। शेर - लोग फुलो को सजाते हैं दिखाने के लिए मैंने अपना दिल बिछा रखखा हैं उन को आने के लिए शेर- दर्द से रिश्ता है मेरा सुकून को कया करता फुक दिया है दफन किया है और भला क्या करता मुफलिसी मे ईशक का तमाशा. गवारा न कर सका दिल ऐ साकी़ तेरी एक नज़र मरता नही कया करता